ख्वाबों का जो आशियाना है,
अब हकीकत कर दिखाना है !
मंजिल को पाने कि हसरत में,
जिंदगी को और क्या क्या दिखाना है !
ख्वाबों का जो आशियाना है,
अब हकीकत कर दिखाना है .....
जीवन चार दिन का फलसफा,
आधा आज पढ़ा थोड़ा कल पढाना है !
दो फलसफे मित्रों संग बीते,
बाकी भी उन संग बिताना है !
ख्वाबों का जो आशियाना है,
अब हकीकत कर दिखाना है .....
इस रंजो गम के अंधियारे में,
अब अलख नई जागना है !
खुशियाँ ही खुशियाँ हो जग में,
पथ से ठोकरे नित हटाना है !
ख्वाबों का जो आशियाना है,
अब हकीकत कर दिखाना है !!
योगेश सरवाड " नानेश "
०८.०९.२०१२
बहुत शानदार लिखा है, जारी रखिये
जवाब देंहटाएंमेरे ब्लॉग पे भी तसरीफ ले जाइये
जवाब देंहटाएंhttp://www.guglwa.com/
( word verifictaion ko disable karde)
भाई जी,
हटाएंमें आपको कैसे जोड़ सकता हू आपने ब्लॉग के साथ
भाई जी,
जवाब देंहटाएंआपका ह्रदय से आभार
ब्लॉग उपयोग करने में आपका सहयोग अपेक्षित है
आशावादी दृष्टिकोण से पूर्ण रचना
जवाब देंहटाएंसाथ ही कर्म का भी सन्देश बहुत खूब योगेश भाई जीते रहिये
इस रंजो गम के अंधियारे में,
अब अलख नई जागना है !
खुशियाँ ही खुशियाँ हो जग में,
पथ से ठोकरे नित हटाना है
ख्वाबों का जो आशियाना है,
अब हकीकत कर दिखाना है
दीदी,
हटाएंआपका स्नेह मेरी पूंजी हकाई
सदैव मेरा मार्गदर्शन करते रहे
Shandar jandaar Dhamakedar.
जवाब देंहटाएंभाई,
हटाएंह्रदय से आभार
ब्लाग को फॉलो करने का आप्शन बनाइये
जवाब देंहटाएंदीदी,
हटाएंआप्शन कैसे बनाऊ जरा बताएये मुझे
मेरे बागीचों में आपका स्वागत है
जवाब देंहटाएंhttp://nayi-purani-halchal.blogspot.com/
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http://yashoda04.blogspot.in/
सादर