यह भी कोई राजा कि सभ्यता है,
"मेरी इक चुप सौ जवाबो से बेहतर है !"
यह भी कोई बादशाह का तरीका है,
" रूपये कोई पेड़ पर नहीं लगते है !"
यह कहा का कैसा कायदा है,
चित भी मेरी पट भी मेरी रखते है !
यह कहा के और कैसे नियम है,
अंधेर नगरी और चौपट राजा सी बात करते है !
यह इनकी कैसी रीति निति है,
अजायबघर सा हिन्दुस्तान को समझते है !
अब हमें कदम तरतीब से बढ़ाने है,
इक तरफ कुआं दूसरी और खाई देखते है !
है अख़लाक़ इनका दोगला "नानेश",
मुख में राम बगल में छुरी लिए घूमते है !!
योगेश सरवाड " नानेश "
२५.०९.२०१२
"मेरी इक चुप सौ जवाबो से बेहतर है !"
यह भी कोई बादशाह का तरीका है,
" रूपये कोई पेड़ पर नहीं लगते है !"
यह कहा का कैसा कायदा है,
चित भी मेरी पट भी मेरी रखते है !
यह कहा के और कैसे नियम है,
अंधेर नगरी और चौपट राजा सी बात करते है !
यह इनकी कैसी रीति निति है,
अजायबघर सा हिन्दुस्तान को समझते है !
अब हमें कदम तरतीब से बढ़ाने है,
इक तरफ कुआं दूसरी और खाई देखते है !
है अख़लाक़ इनका दोगला "नानेश",
मुख में राम बगल में छुरी लिए घूमते है !!
योगेश सरवाड " नानेश "
२५.०९.२०१२
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