बुधवार, 25 सितंबर 2013

गीत ....एक कोशिश ....



आई रे बासंती छाई रे बासंती ...
पर तू न आया मेरे प्यार .......

विहग भी लौट के घर को आए
लौट के आए सारे साथी संगी ...
पर तू न आया मेरे प्यार .......

रोज बनाऊँ मैं तो भात और रोटी
किस्मत मेरी देखो कितनी खोटी
बाट निहारूँ दिल से पुकारूँ
लौट के आजा मेरे जीवन साथी...
पर तू न आया मेरे प्यार .......

रात की चाँदनी छटा बिखेरे
बिरहा की मारी तड़पूँ अकेरे
दिन बरस सब बित गए रे
मिलन की कोई ऋतु ना आती...
पर तू न आया मेरे प्यार .......

- योगेश सरवाड "  नानेश "      
        १७.०६.२०१३