" भादों का गीत "
तन झमाझम,मन झमाझम,
भादों का अंग अंग झमाझम ,
तन झमाझम,मन झमाझम .......
खेतों में हरियाली छाई,
किसानों कि सूरत मुस्काई,
भींगा आँगन, दिन रैन झमाझम .....
तन झमाझम,मन झमाझम .......
मन मयूरा नाचे छम-छम,
ख्वाब जगाये दिल में हरदम,
गीला बदन, कीचड़ से झमाझम .....
तन झमाझम,मन झमाझम .......
आई रुत सुहागो वाली,
भरी झोली धरा कि खाली,
पकेगी फसलें, नोट आयेगे झमाझम .....
तन झमाझम,मन झमाझम .......
तन झमाझम,मन झमाझम,
भादों का अंग अंग झमाझम,
तन झमाझम,मन झमाझम ....... तन झमाझम,मन झमाझम .......
योगेश सरवाड " नानेश "
२७.०८.२०१२
तन झमाझम,मन झमाझम,
भादों का अंग अंग झमाझम ,
तन झमाझम,मन झमाझम .......
खेतों में हरियाली छाई,
किसानों कि सूरत मुस्काई,
भींगा आँगन, दिन रैन झमाझम .....
तन झमाझम,मन झमाझम .......
मन मयूरा नाचे छम-छम,
ख्वाब जगाये दिल में हरदम,
गीला बदन, कीचड़ से झमाझम .....
तन झमाझम,मन झमाझम .......
आई रुत सुहागो वाली,
भरी झोली धरा कि खाली,
पकेगी फसलें, नोट आयेगे झमाझम .....
तन झमाझम,मन झमाझम .......
तन झमाझम,मन झमाझम,
भादों का अंग अंग झमाझम,
तन झमाझम,मन झमाझम ....... तन झमाझम,मन झमाझम .......
योगेश सरवाड " नानेश "
२७.०८.२०१२
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जवाब देंहटाएंप्रियवर योगेश सरवाड "नानेश" जी
सस्नेह नमस्कार !
सर्वप्रथम ब्लॉग जगत की ख़ूबसूरत दुनिया में आपका स्वागत !
सुंदर ब्लॉग के लिए बधाई और शुभकामनाएं !
आपकी इस प्रविष्टि की जितनी प्रशंसा की जाए , कम है …
तन झमाझम,मन झमाझम
भादों का अंग अंग झमाझम
आई रुत सुहागों वाली,
भरी झोली धरा की खाली
वाह जी वाऽऽह !
… बहुत सुंदर
सुंदर रचना के लिए आभार …
… बधाई !
…आपकी लेखनी से सुंदर रचनाओं के सृजन के साथ-साथ समाजोपयोगी पुनीत कार्य होते रहें,
यही कामना है …
शुभकामनाओं सहित…
राजेंद्र भाई साहेब,
हटाएंयहाँ के लिए नोसिखिया हू
मार्ग दर्शन चाहुगा आपसे ब्लॉग उपयोग हेतु
स्नेह बनाये रखे